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Rajgir Malmas Mela: भीषण गर्मी और कमजोर प्रचार से फीका पड़ा मलमास मेला

Rajgir Malmas Mela: भीषण गर्मी और कमजोर प्रचार से फीका पड़ा मलमास मेला
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Rajgir Malmas Mela: राजगीर शहर में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक मलमास मेला इस वर्ष अपेक्षित भीड़ जुटाने में विफल होता दिख रहा है। ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी, लगातार जारी लू और खराब प्रचार ने मेले की रौनक फीकी कर दी है। मेले के मैदान में दिनभर छाई खामोशी व्यापारियों, दुकानदारों और ठेकेदारों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।

Rajgir Malmas Mela: ठेकेदारों ने उठाए सवाल

मेले के ठेकेदार संजय कुमार सिंह, अशोक कुमार राय, धनंजय कुमार सिंह उर्फ ​​सोनी सिंह, प्रदीप कुमार और पूर्व ठेकेदार डॉ. अनिल कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था और प्रचार को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य स्तरीय मेला होने के बावजूद इस बार प्रशासनिक स्तर पर व्यापक प्रचार अभियान नहीं चलाया गया, जिसका सीधा असर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है।

ठेकेदारों का कहना है कि मलमास मेले का प्रचार-प्रसार देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और विभिन्न राज्यों में नहीं किया गया है। बिहार के जिलों में बड़े-बड़े बिलबोर्ड, फ्लेक्स, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री भी नहीं लगाई गई है। उनका आरोप है कि प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से भी प्रभावी प्रचार नहीं हो पाया है।

व्यवसायों का कहना है कि देवघर श्रावणी मेला, प्रयागराज कुंभ मेला, उज्जैन, नासिक, ऋषिकेश और सोनपुर के मेलों जैसे प्रमुख आयोजनों का राष्ट्रीय स्तर पर महीनों पहले से प्रचार किया जाता है। इन मेलों का लगातार सोशल मीडिया, टीवी चैनलों, रेडियो और समाचार पत्रों में विज्ञापन किया जाता है, जिससे देशभर से श्रद्धालु आकर्षित होते हैं। हालांकि, राजगीर के ऐतिहासिक मालमास मेले को उतनी पहचान और प्रचार नहीं मिला है।

कारोबारियों में नाराजगी

गर्मी और उमस के कारण, दिन के समय मेले का इलाका लगभग खाली दिखाई देता है। इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों, होटल मालिकों, सड़क विक्रेताओं और स्थानीय व्यवसायों पर पड़ रहा है। कई व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने अच्छे मुनाफे की उम्मीद में मेले में निवेश किया था, लेकिन अपेक्षित भीड़ न होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

ठेकेदारों और स्थानीय निवासियों ने सरकार और प्रशासन से मालमास मेले को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि राजगीर एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है, और इसलिए, यह मेला देश के अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के समान मान्यता का हकदार है।

नालंदा से संजीव कुमार बिट्टु की रिपोर्ट

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Bhumika

Bhumika Kumari is a Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform Mithila Top.

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