Rajgir Malmas Mela: राजगीर जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन शहर है, ऐतिहासिक मलमास मेले की श्रद्धा और आस्था में डूबा हुआ है। देशभर से लाखों श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ राजगीर पहुंच रहे हैं। शहर के होटल, धर्मशालाएं और स्थानीय घरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालांकि, इस धार्मिक माहौल के बीच, शहर में बिजली की खराब आपूर्ति श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों के लिए असुविधा का एक बड़ा कारण बन गई है।
Rajgir Malmas Mela: बिजली संकट बना बड़ी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजगीर में पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है। दिन-रात लगभग आठ से दस घंटे तक चलने वाली इस बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
राजगीर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि बार-बार बिजली गुल होने से उन्हें आवास, विश्राम और अन्य बुनियादी सुविधाओं में परेशानी हो रही है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि रात में बिजली न होने के कारण गर्मी में सोना मुश्किल हो जाता है। पानी की आपूर्ति और अन्य सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
बढ़ी श्रद्धालुओं की मुश्किलें
स्थानीय व्यापारियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मलमास मेले के शुरू होने से लगभग एक महीने पहले से ही बिजली विभाग लगातार बिजली काट रहा है। उस समय कहा गया था कि यह काम मेले की तैयारियों और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए किया जा रहा है, लेकिन अभी तक व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
दुकानदारों और होटल मालिकों का कहना है कि बार-बार बिजली कटौती से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। होटल, रेस्तरां, स्ट्रीट वेंडर, दुकानें और छोटे व्यवसायों को भारी नुकसान हो रहा है। कई व्यवसायों का कहना है कि बिजली कटौती से ग्राहकों को असुविधा हो रही है और इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने बिजली विभाग से स्थिति में जल्द से जल्द सुधार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को राहत प्रदान करने के लिए मलमास मेले जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राजगीर में जारी बिजली संकट प्रशासन और विद्युत विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि स्थिति में जल्द सुधार होगा और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
नालंदा से संजीव कुमार बिट्टु की रिपोर्ट
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