TRE-4 Protest: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर माहौल गरमा गया। हजारों उम्मीदवार नई शिक्षक भर्ती और TRE-4 की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन पटना कॉलेज परिसर से शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही उग्र हो गया और अशोक राजपथ क्षेत्र में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में छात्र पोस्टर और बैनर लिए हुए थे और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
Patna में TRE-4 को लेकर बवाल
उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन TRE-4 भर्ती प्रक्रिया के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी जारी नहीं की गई है। इस आक्रोश के बीच, छात्र संगठनों और शिक्षक उम्मीदवारों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। पटना कॉलेज और आसपास के इलाकों में सुबह से ही बड़ी संख्या में युवा जमा होने लगे। प्रदर्शनकारियों ने “TRE-4 अधिसूचना जारी करो” और “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए।
हालांकि, विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। अशोका रोड समेत कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। विभिन्न स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए गए थे और पूरे इलाके को छावनी क्षेत्र में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया था।
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में पूर्व अध्यक्षीय उम्मीदवार रहे छात्र नेता रिंकल यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती एक वाहन में घसीटा। इसके कुछ ही समय बाद, छात्र नेता खुशबू पाठक को भी पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और उम्मीदवारों के बीच कई बार तीखी बहस हुई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी दौरान कई महिला उम्मीदवारों को सड़क पर घसीटते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। उम्मीदवारों का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे केवल सरकार को अपनी मांगें बताना चाहते थे, लेकिन उन्हें विरोध करने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर आने वाले किसी भी उम्मीदवार को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जल प्रस्फुटन का भी इस्तेमाल किया गया।
सड़क पर गरमाया आंदोलन
बिहार सरकार ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार टीआरई-4 प्रक्रिया को लेकर गंभीर है और इस पर अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व छात्रों को भड़का रहे हैं और आंदोलन का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीदवारों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।
दूसरी ओर, उम्मीदवारों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस घोषणाओं की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से लाखों युवाओं को मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। छात्र मांग कर रहे हैं कि सरकार उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता को समाप्त करने के लिए रिक्तियों और परीक्षा कैलेंडर को जल्द से जल्द जारी करे।
पटना में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है, वहीं छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन जारी रखने की धमकी दे रहे हैं। टीआरई-4 को लेकर चल रहा विवाद अब बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
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