DAV Kapildev School Case: झारखंड की राजधानी रांची से एक हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। रांची सिविल कोर्ट ने डीएवी कपिलदेव स्कूल के तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को स्कूल की नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया है। कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है, जबकि सजा पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।
DAV Kapildev School Case: पूर्व प्राचार्य को ठहराया दोषी
इस मामले की सुनवाई एजेसी अरविंद कुमार की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और पूर्व प्रधानाचार्य को दोषी पाया गया है। इस फैसले ने शिक्षा जगत और स्थानीय क्षेत्र में तीखी बहस छेड़ दी है।
यह मामला 2022 का है, जब डीएवी कपिलदेव स्कूल की एक महिला नर्सिंग स्टाफ ने तत्कालीन प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अनुचित मांगें करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने अरगोरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। इस शिकायत से स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। आरोपों के बाद मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया गया था।
नवंबर 2022 में झारखंड उच्च न्यायालय ने आरोपी को जमानत दे दी। हालांकि, पीड़िता ने आरोप लगाया कि जेल से रिहा होने के बाद आरोपी लगातार उसे धमका रहा था और उस पर दबाव डाल रहा था। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत रद्द कर दी। आरोपी ने उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील भी की, लेकिन किसी भी न्यायालय ने उसे राहत नहीं दी।
मनोज कुमार सिन्हा ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने 25 जुलाई, 2022 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। तब से इस मामले की लगातार सुनवाई हो रही है।
रांची सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला
अब जब आरोपी को दोषी ठहराया जा चुका है, तो सबकी निगाहें सजा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा फैसला सुना सकती है। पीड़ित परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
इस मामले ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न के गंभीर मुद्दों को एक बार फिर से सामने ला दिया है। समाज में इस तरह की घटनाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार बढ़ रही है।
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