Jharkhand Rain Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना गहरा डिप्रेशन अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। झारखंड के मौसम पर इसका असर पहले ही साफ दिखाई दे रहा है। रविवार को राज्य के लगभग सभी जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई और आने वाले दिनों में मॉनसून के और भी सक्रिय होने की संभावना है।
Jharkhand Rain Update: 9 जुलाई तक सक्रिय रहेगा मानसून
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में झारखंड के ज़्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफ़ान की संभावना है, जबकि कुछ ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले चार दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए गुमला, रांची, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, चतरा और हजारीबाग जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 7 जुलाई से 9 जुलाई के बीच संथाल परगना डिवीज़न, राजधानी रांची और आसपास के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और ज़रूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।
जगन्नाथपुर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज़्यादा बारिश, 50.4 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर में दर्ज की गई।
इसके अलावा:
- हटगम्हरिया – 32.6 मिमी
- गुड़ाबांधा – 27.2 मिमी
- मझगांव – 25.4 मिमी
- रांची (एयरपोर्ट) – 12.4 मिमी
बारिश के कारण कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वही पिछले 24 घंटों में डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
रांची: 28.0°C
जमशेदपुर: 30.2°C
बोकारो: 35.4°C
चाईबासा: 28.4°C
रांची का न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश, आंधी और तूफ़ान के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। बिजली कड़कने पर खुले मैदानों या पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम का पूर्वानुमान ध्यान में रखकर ही खेती-बाड़ी का काम करें।
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