Darbhanga News: दरभंगा DM कौशल कुमार की अध्यक्षता ( कार्यालय कक्ष) में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में समिति के निर्धारित कार्यों एवं नशा उन्मूलन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे,जबकि कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
5 ड्रग इंस्पेक्टर का वेतन बंद
दरभंगा DM ने दरभंगा के सहायक औषधि नियंत्रक और सभी औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चिकित्सा दुकानों और थोक औषधि विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने उन्हें अवैध औषधि दुकानों पर अचानक निरीक्षण करने और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। विभागीय कार्य में लापरवाही के कारण एक सहायक औषधि नियंत्रक और पांच औषधि निरीक्षकों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
बैठक में बताया गया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र संचालित है, जहां नशा के आदि मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बिरौल अनुमंडल में भी नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया।
नशा उन्मूलन पर सख्त एक्शन
नशा मुक्ति केंद्र जो डीएमसीएच में संचालित है , एयर कंडीशन से युक्त 10 बेड है जहां अभी साथ साथ नशेड़ियों का ईलाज किया जा रहा है। यहां भर्ती होने वाले नशेड़ियों के अलावा उनके एक व्यक्ति को निःशुल्क खाना पीने रहने और दवाई की सुविधा दी जाती है।
जिलाधिकारी ने नगर निगम क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर की परिधि में संचालित अवैध दवा दुकानों की जांच कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश ड्रग्स इंस्पेक्टर को दिया। साथ ही सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित रूप से दवा दुकानों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने नवयुवकों को नशापन से दूर रखने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिया ।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक शनिवार को भूमि विवाद समाधान के लिए अंचलाधिकारी के कार्यालय में आयोजित बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। साथ ही शराब मामलों में जब्त वाहनों के राज्यसात की प्रक्रिया में एमभीआई को सहयोग करने एवं आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।
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वरीय पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से उन थानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया जो मधुबनी एवं सीतामढ़ी जिले के नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्रों में स्थित हैं। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को औषधि निरीक्षकों से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।




















