Jharkhand Monsoon 2026: झारखंड के लोगों के लिए अच्छी खबर है, जो भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून बंगाल की खाड़ी की ओर से संथाल परगना इलाके से होते हुए शुक्रवार को झारखंड में दाखिल हुआ। खास बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इस साल मॉनसून राज्य में लगभग पांच दिन पहले पहुंचा है। हालांकि केरल में मॉनसून सामान्य समय से तीन दिन देरी से पहुंचा, लेकिन झारखंड में यह तेज़ी से आगे बढ़ा। मॉनसून के आने के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बारिश तेज़ हो गई है।
Jharkhand Monsoon 2026: इन जिलों तक पहुंच चुका है मॉनसून
रांची के मौसम विज्ञान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट अभिषेक आनंद ने बताया कि मॉनसून ने अभी संथाल परगना इलाके और उसके आस-पास के कई जिलों को कवर कर लिया है। इनमें जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, धनबाद, गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम के इलाके शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मौसम के हालात अनुकूल बने हुए हैं और अगले 72 घंटों में मॉनसून राज्य के बाकी हिस्सों में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। मानसून के आने से पहले ही कई ज़िलों जैसे रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 92.2 मिलीमीटर बारिश पूर्वी सिंहभूम ज़िले के चाकुलिया में दर्ज की गई। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।
12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 13 जून के लिए झारखंड के 12 ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन इलाक़ों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। साथ ही, आंधी-तूफ़ान, बिजली गिरने और भारी बारिश का भी अनुमान है।
ऑरेंज अलर्ट वाले ज़िलों में शामिल हैं:
- गोड्डा
- साहिबगंज
- दुमका
- पाकुड़
- देवघर
- जामताड़ा
- गिरिडीह
- धनबाद
- बोकारो
- कोडरमा
- हजारीबाग
- रामगढ़
मौसम विभाग ने इन ज़िलों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
रांची समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट
राजधानी रांची और राज्य के 12 अन्य ज़िलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 किमी/घंटा तक की तेज़ हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में मौसम का मिज़ाज तेज़ रहेगा और अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है। सीनियर साइंटिस्ट अभिषेक आनंद ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खास सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बिजली कड़कने के समय खेतों, खुले मैदानों या पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न खड़े होने की सलाह दी है। उन्होंने लोगों को सुरक्षित इमारतों में रहने और मौसम विभाग की गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के हालात को ध्यान में रखते हुए खेतों में काम करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत
मानसून के आने से न केवल आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि यह किसानों के लिए भी अच्छी खबर होगी। बारिश धान की खेती और खरीफ फसलों की तैयारी में अहम भूमिका निभाएगी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार ऐसी ही बनी रही, तो राज्य में खेती-बाड़ी के कामों को काफी फायदा होगा।
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