Jharkhand Health Department: झारखंड स्वास्थ्य विभाग पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार आरोप विपक्ष की ओर से नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक नेता की ओर से लगाए गए हैं, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी के आरोप
कांके ब्लॉक के अध्यक्ष नवीन तिर्की ने स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। पत्र में विशेष रूप से आरआईएनपीएएस से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
नवीन तिर्की का कहना है कि रिंपास में अनियमितताओं की शिकायतें कई वर्षों से सामने आ रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर वित्तीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया है और उचित प्राधिकरण के बिना निर्णय लिए गए हैं, जिससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिंपास उनके जिले में आता है, इसलिए इस मुद्दे को उठाना उनकी जिम्मेदारी है।
वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
इस बीच, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाया है। भाजपा का आरोप है कि भ्रष्टाचार न केवल झारखंड स्वास्थ्य विभाग में बल्कि राज्य के अन्य विभागों में भी बढ़ रहा है और सरकार इस पर आंखें मूंद रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि रिनपास के अलावा, आरआईएमएस और सदर अस्पताल जैसे संस्थानों में भी लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।
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इस पूरी घटना ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि क्या निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, या फिर इस मामले को भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।














