Petrol Diesel Saving: ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखने लगा है। झारखंड और असम समेत कई राज्यों की सरकारों ने इस दिशा में अहम फैसले लेना शुरू कर दिया है.
झारखंड और असम सरकार ने उठाए कदम
झारखंड में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाकर सिर्फ चार करने का फैसला किया है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि ईंधन और संसाधनों की बचत के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के आह्वान पर यह फैसला लिया गया है. राज्यपाल ने कहा कि सरकारी कामकाज में भी सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता दी जायेगी.
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के आह्वान पर ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के उद्देश्य से लोक भवन, झारखण्ड में मेरे द्वारा कारकेड में वाहनों की संख्या घटाकर मात्र 4 गाड़ियाँ रखने का निर्णय लिया गया है।#EnergyConservation
#SaveFuel— Governor of Jharkhand (@jhar_governor) May 13, 2026
वहीं, असम सरकार ने भी कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सरकार अगले छह महीने तक कोई नया वाहन नहीं खरीदेगी। इसके अलावा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी चिकित्सा कारणों को छोड़कर किसी भी कार्यक्रम के लिए विदेश यात्रा नहीं करेंगे।
असम सरकार ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के काफिले में गाड़ियों की संख्या भी कम करने का फैसला किया है. इसके अलावा अगले छह महीने तक विदेशी ब्रांड के सामान की सरकारी खरीद पर रोक लगाने का फैसला किया गया है. सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सरकारी कार्यशालाएं अब फिजिकल मोड के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।
कम होंगी गाड़ियां और विदेश यात्राएं
राज्य सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है. सरकारी कार्यों में उपयोग के लिए अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को किराये पर लेने की योजना बनाई गई है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद राज्यों द्वारा लिए जा रहे इन फैसलों को संसाधन बचाने और खर्चों में कटौती की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें:

















