Darbhanga News: राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक दरभंगा सहित राज्य के 11 जिलों में सुनियोजित शहरीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास का फैसला किया है. दरभंगा में सरकार द्वारा दरभंगा मुजफ्फरपुर NH 27 फोरलेन से थोड़ी दूर निर्माणधीन बिहार के दूसरे एम्स के नजदीक बहादुरपुर प्रखंड का इलाका चांडी,भरौल,बलिया मौजे सहित खराजपुर,अहिला और वाटरवेज कोलनी के पास करीब एक दर्जन गाँवो के इलाके को चिन्हित किया गया है.
Darbhanga में 2027 तक जमीन रजिस्ट्री बंद
सरकार ने न्यू टाउनशिप क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव जमीन की खरीद बिक्री पर 31 मार्च 2027 तक रोक लगा दिया है.सरकार द्वारा चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण को रोकना है ताकि भविष्य में इन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके।
न्यू टाउनशिप योजना से भू-माफिया परेशान
दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के शोभन, चांडी और बलिया मौजे में जगहों का चयन जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और डीएम कौशल कुमार ने काफ़ी दिनों निरिक्षण कर इस इलाके में जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी थी.अब नए सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक ने दरभंगा सहित राज्य के 11 शहरों को ग्राइंफील्ड टाउनशिप निर्माण करने का निर्णय लिया है.जिन जगहों का चयन किया गया वहां राज्य का दूसरा एम्स निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है.
सरकार ने लगाया प्रतिबंध
इसके निर्माण का शहर का इलाका बड़ा हो जाएगा जबकि शहर पर थोड़ा व्यवस्ता कमेगी. वहीं इसकी घोषणा से भू माफियाओ के बीच खलबली मच सकती है. क्यूंकि इस इलाके में लगातार न्यू टाउनशिप बसाने के नाम मोटा पैसा लेकर जमीन की खरीद बिक्री का काम तेजी से चल रहा है.
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बताया जाता है की राज्य सरकार के जमीन खरीब बिक्री का निर्देश जारी होते ही इलाके पहले जमीन खरीदने वालों के होश उड़ गए है. बताया जाता है एम्स निर्माण की घोषणा होते ही काफ़ी लोगों ने सोभन, मब्बी, सिमरी के इलाकों में जमीन खरीदकर व्यवसाय करने बड़े बड़े अपार्टमेंट बनाकर बेचने का सपना देखने वालों को बड़ा झटका लगा होगा तो कई निजी जमीन खरीदने वालों में भी खलबली मच गई है.















